Friday, August 21, 2015

गुड स्वास्थ के लिए अमृत है !

गुड स्वास्थ के लिए अमृत है ! राजीव भाई चीनी को सफेद ज़हर कहा जाता है जबकि गुड़ स्वास्थ्य के लिए अमृत है क्योंकि गुड़ खाने के बाद यह शरीर में क्षार पैदा करता है जो हमारे पाचन को अच्छा बनाता है (इसलिये वागभट्टजी ने खाना खाने के बाद थोड़ा सा गुड़ खाने की सलाह दी है) जबकि चीनी अम्ल पैदा करती है जो शरीर के लिए हानिकारक है। गुड़ को पचाने में शरीर को यदि 100 कैलोरी ऊर्जा लगती है तो चीनी को पचाने में 500 कैलोरी खर्च होती है। गुड़ में कैल्शियम के साथ-साथ फास्फोरस भी होता है जो शरीर के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और अस्थियों को बनाने में सहायक होता है। जबकि चीनी को बनाने की प्रक्रिया में इतना अधिक तापमान होता है कि फास्फोरस जल जाता है चीनी में कोई प्रोटीन नहीं, विटामिन नहीं, कोई सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं होता केवल मीठापन है और वो मीठापन भी शरीर के काम का नही ! इसलिये अच्छे स्वास्थ्य के लिए गुड़ का उपयोग करें। गुड्र गुड़ में कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन और कुछ मात्रा मे कॉपर जैसे स्वास्थ्य वर्धक पदार्थ होते हैं। आँकड़ों के अनुसार गुड़ में ब्राउन शुगर की अपेक्षा पाँच गुना अधिक और शक्कर की अपेक्षा पचास गुना अधिक मिनरल्स होते है। गुड़ की न्यूट्रीशन वैल्यू शहद के बराबर है। बच्चे के जन्म के बाद माता को गुड़ देने से कर्इ बड़ी बीमारियां दूर होती हैं यह मिनरल्स की कमी को दूर करता है बच्चे के जन्म के 40 दिनों के अन्दर माता के शरीर में बनने वाले सभी ब्लड क्लाट्स को खत्म करता है। गुड़ आधे सिर के दर्द से बचाव करता है स्त्रियों में मासिक धर्म से सम्बंधित परेशानियों को ठीक करता है और शरीर को ठंडा रखता है। विश्वजीत सिंह अनन्त राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत स्वाभिमान दल आओं भारत स्वाभिमान दल के सदस्य बनकर देश के अमर बलिदानियों के स्वप्नों के स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत का पुनर्निर्माण करें सम्पर्क करें बालू सिंह राजपुरोहित 9982871008 धर्म सिंह 8535004500 कृष्ण कुमार 7830905992 चौधरी रमण श्योराण 7409947594 श्रीमती शशी शर्मा 8979808902 श्रीमती मुनेश देवी 9045761395 धीरज वत्स 9057923157 बालकिशन "किशना जी" 9111893273 गौरव कुमार मिश्रा 8755762499 प्रमोद कुमार यादव 9917648983 ऑनलाइन सदस्यता के लिए दल की वेबसाइट लॉग इन करें http://www.bharatswabhimandal.org/member.php

भोजन के अन्त मे पानी विष के समान है

भोजन के अन्त मे पानी विष के समान है राजीव भाई भोजन हमेशा धीरे-धीरे, आराम से जमीन पर बैठकर करना चाहिए ताकि वह सीधे आमाशय में जा सके। यदि पानी पीना हो तो भोजन से 48 मिनट पहले और डेढ़ घण्टा बाद पानी पियें। भोजन के समय पानी ना पियें, यदि प्यास लगती हो या भोजन अटकता हो तो मठ्ठा/छाछ ले सकते है या उस मौसम के किसी भी फल का रस पी सकते हैं (डिब्बा बन्द फलों का रस ग़लती से भी ना पियें) ! पानी नहीं पीना है क्योंकि जब हम भोजन करते हैं तो उस भोजन को पचाने के लिए हमारे जठर में अग्नि प्रदीप्त होती है उसी अग्नि से वह भोजन पचता है। यदि हम पानी पीते हैं तो भोजन पचाने के लिए उत्पन्न हुर्इ अग्नि मंद पड़ती है जिसके कारण भोजन अच्छी तरह से नहीं पचता और वह विष बनता है जो कर्इ प्रकार के रोगों को उत्पन्न करता है। भोजन के मध्य में थोड़ा सा पानी पी सकते हैं एक/दो छोटे घूँट केवल तीन परिस्थितियों में ही, जैसेः- पानी 1) भोजन गले में अटक जाये, 2) भोजन करते समय छींक या खांसी के कारण और 3) यदि आपके भोजन में दो प्रकार के अन्न है (जैसे गेहूँ और चावल, गेहूँ और बाजरा, मक्की और चावल आदि), तो भोजन के मध्य मे एक अन्न को लेने के बाद और दूसरा अन्न प्रारम्भ कर्रने से पहले आप एक/दो छोटे घूँट पानी ले सकते है लेकिन अन्त में पानी ना पियें। भोजन के तुरन्त बाद पानी नहीं पीना, तो क्या पियें ? भोजन के अंत में सुबह के समय ऋतु के अनुसार फलों का रस ले सकते हैं। दोपहर में भोजन के बाद छाछ या मटठा या तक्रम ले सकते हैं। शाम के भोजन के बाद रात्रि में दूध पीकर सोना सबसे अच्छा है। भोजन की दिनचर्या में इतना परिवर्तन हो जाये तो स्वास्थ्य अच्छा हो जायेगा। अगर मोटापा दूर करना हो तो भोजन के अन्त में पानी पीना बन्द कर दें एक - दो महीने में लाभ मिलेगा, अपनी दिनचर्या मे परिवर्तन करके देख सकते हैं। लाभ :- मोटापा कम करने के लिए यह पध्दति सर्वोत्त्तम है। पित्त की रोगों को कम करने के लिए अपच, खट्टी डकारें, पेट दर्द, कब्ज, गैस आदि रोगों को इस पध्दति से अच्छी तरह से ठीक किया जा सकता है। विश्वजीत सिंह अनन्त राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत स्वाभिमान दल आओं भारत स्वाभिमान दल के सदस्य बनकर देश के अमर बलिदानियों के स्वप्नों के स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत का पुनर्निर्माण करें सम्पर्क करें बालू सिंह राजपुरोहित 9982871008 धर्म सिंह 8535004500 कृष्ण कुमार 7830905992 चौधरी रमण श्योराण 7409947594 श्रीमती शशी शर्मा 8979808902 श्रीमती मुनेश देवी 9045761395 धीरज वत्स 9057923157 बालकिशन "किशना जी" 9111893273 गौरव कुमार मिश्रा 8755762499 प्रमोद कुमार यादव 9917648983 ऑनलाइन सदस्यता के लिए दल की वेबसाइट लॉग इन करें http://www.bharatswabhimandal.org/member.php

रेफ्रिजरेटर का उपयोग घातक है !

रेफ्रिजरेटर का उपयोग घातक है ! मिट्टी के बर्त्तनों का ही प्रयोग करें रेफ्रिजरेटर का उपयोग मूलत: कम तापमान पर रहने वाली दवाओं के लिये किया जाता था लेकिन आज वह हमारी रसोर्इ का हिस्सा है। इसमें से कर्इ प्रकार की विषैली गैसें निकलती हैं जैसे HFC,CFC के अन्तर्गत CFC-2,CFC-3,CFC-4 से लेकर CFC-12 तक । क्लोरीन, फ्लोरीन, कार्बन डार्इ आक्सार्इड जैसी विषैली गैसों के उपयोग से बना यह रेफ्रिजरेटर मूलत: ठंडे देशों के लिए है जहाँ का तापमान शून्य से भी नीचे चला जाता है। हमारे यहाँ तो सूर्य का प्रकाश बारह महीने रहता है इसलिए यहाँ की समशीतोष्ण जलवायु के कारण हमेशा ताजा और गर्म खाने का चलन है। इसके अलावा, रेफ्रिजरेटर में सूर्य का प्रकाश और पवन का स्पर्श भी नहीं हो सकता, इसलिए इसमें रखा हुआ भोजन भी विष के समान हो जाता है। विश्वजीत सिंह अनन्त राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत स्वाभिमान दल आओं भारत स्वाभिमान दल के सदस्य बनकर देश के अमर बलिदानियों के स्वप्नों के स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत का पुनर्निर्माण करें सम्पर्क करें बालू सिंह राजपुरोहित 9982871008 धर्म सिंह 8535004500 कृष्ण कुमार 7830905992 चौधरी रमण श्योराण 7409947594 श्रीमती शशी शर्मा 8979808902 श्रीमती मुनेश देवी 9045761395 धीरज वत्स 9057923157 बालकिशन "किशना जी" 9111893273 गौरव कुमार मिश्रा 8755762499 प्रमोद कुमार यादव 9917648983 ऑनलाइन सदस्यता के लिए दल की वेबसाइट लॉग इन करें http://www.bharatswabhimandal.org/member.php

पानी हमेशा घूँट-घूँट और बैठ कर पिएं !

पानी हमेशा घूँट-घूँट और बैठ कर पिएं ! राजीव भाई पानी सदैव धीरे-धीरे पीना चाहिये अर्थात घूँट-घूँट कर पीना चाहिये, यदि हम धीरे-धीरे पानी पीते हैं तो उसका एक लाभ यह है कि हमारे हर घूँट में मुँह की लार पानी के साथ मिलकर पेट में जायेगी और पेट में बनने वाले अम्ल को शान्त करेगी क्योंकि हमारी लार क्षारीय होती है और बहुत मूल्यवान होती है। हमारे पित्त को संतुलित करने में इस क्षारीय लार का बहुत योगदान होता है। जब हम भोजन चबाते हैं तो वह लार में ही लुगदी बनकर आहार नली द्वारा अमाशय में जाता है और अमाशय में जाकर वह पित्त के साथ मिलकर पाचन क्रिया को पूरा करता है। इसलिये मुँह की लार अधिक से अधिक पेट में जाये इसके लिये पानी घूँट-घूँट पीना चाहिये और बैठकर पीना चाहिए। कभी भी खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए (घुटनों के दर्द से बचने के लिए) ! कभी भी बाहर से आने पर जब शरीर गर्म हो या श्वाँस तेज चल रही हो तब थोड़ा रुककर, शरीर का ताप सामान्य होने पर ही पानी पीना चाहिए। भोजन करने से डेढ़ घंटा पहले पानी अवश्य पियें इससे भोजन के समय प्यास नहीं लगेगी। पानी प्रातः काल उठते ही सर्वप्रथम बिना मुँह धोए, बिना ब्रश किये कम से कम एक गिलास पानी अवश्य पियें क्योंकि रात भर में हमारे मुँह में Lysozyme नामक जीवाणुनाशक तैयार होता है जो पानी के साथ पेट मे जाकर पाचन संस्थान को रोगमुक्त करता है। सुबह उठकर मुँह की लार आँखों में भी लगार्इ जा सकती है चूंकि यह काफी क्षारीय होती है इसलिए आँखों की ज्योति और काले सर्किल के लिए काफी लाभकारी होती है। दिन भर में कम से कम 4 लीटर पानी अवश्य पियें, किडनी में स्टोन ना बने इसके लिये यह अति आवश्यक है कि अधिक मात्रा में पानी पियें और अधिक बार मूत्र त्याग करें। पानी कितना पियें ? आयुर्वेद के अनुसार सूत्र - शरीर के भार के 10 वें भाग से 2 को घटाने पर प्राप्त मात्रा जितना पानी पियें । उदाहरण: अगर भार 60 किलो है तो उसका 10 वां भाग 6 होगा और उसमें से 2 घटाने पर प्राप्त मात्रा 4 लीटर होगी । लाभ - कब्ज, अपच आदि रोगों में रामबाण पद्धति है मोटापा कम करने में भी सहायता होगी, जिनको पित्त अधिक बनता है उनको भी लाभ होगा। विश्वजीत सिंह अनन्त राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत स्वाभिमान दल आओं भारत स्वाभिमान दल के सदस्य बनकर देश के अमर बलिदानियों के स्वप्नों के स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत का पुनर्निर्माण करें सम्पर्क करें बालू सिंह राजपुरोहित 9982871008 धर्म सिंह 8535004500 कृष्ण कुमार 7830905992 चौधरी रमण श्योराण 7409947594 श्रीमती शशी शर्मा 8979808902 श्रीमती मुनेश देवी 9045761395 धीरज वत्स 9057923157 बालकिशन "किशना जी" 9111893273 गौरव कुमार मिश्रा 8755762499 प्रमोद कुमार यादव 9917648983 ऑनलाइन सदस्यता के लिए दल की वेबसाइट लॉग इन करें http://www.bharatswabhimandal.org/member.php

आटा 15 दिन से ज्यादा पुराना न खायें !

आटा 15 दिन से ज्यादा पुराना न खायें ! राजीव भाई 15 दिन से अधिक पुराने आटे के पोषक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं जिससे केवल हमारा पेट ही भरता है और शरीर को कोई पोषकता नहीं मिलती। गेहूँ का आटा 15 दिन, और बाजरा, ज्वार, जौ आदि का आटा 7 दिन से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। सबसे अच्छा हाथ की चक्की से पिसा हुआ आटा होता है क्योंकि हाथ की चक्की से गेहूँ पीसते समय आटे का तापमान 25 से 30 डिग्री से ज्यादा नहीं होता है और हम उसे आसानी से स्पर्श कर सकते हैं और पीसते समय कम तापमान होने के कारण उसके सारे पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं, लेकिन आधुनिक चक्की से पिसा हुआ आटा इतना गर्म होता है कि, हम तुरन्त उसे स्पर्श तक नहीं कर सकते और अधिक तापमान होने के कारण उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। पुराने समय में हमारी मातायें हाथ की चक्की से ही गेहूँ पीसती थीं जिससे उनके गर्भाशय का व्यायाम होता था और गर्भाशय का लचीलापन बना रहता था जिसके कारण प्रसूति में सिजेरियन की आवश्यकता नहीं होती थी व सभी की सामान्य प्रसूति (Normal Delivery) होती थी । विश्वजीत सिंह अनन्त राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत स्वाभिमान दल आओं भारत स्वाभिमान दल के सदस्य बनकर देश के अमर बलिदानियों के स्वप्नों के स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत का पुनर्निर्माण करें सम्पर्क करें बालू सिंह राजपुरोहित 9982871008 धर्म सिंह 8535004500 कृष्ण कुमार 7830905992 चौधरी रमण श्योराण 7409947594 श्रीमती शशी शर्मा 8979808902 श्रीमती मुनेश देवी 9045761395 धीरज वत्स 9057923157 बालकिशन "किशना जी" 9111893273 गौरव कुमार मिश्रा 8755762499 प्रमोद कुमार यादव 9917648983 ऑनलाइन सदस्यता के लिए दल की वेबसाइट लॉग इन करें http://www.bharatswabhimandal.org/member.php

खतरनाक है ऐल्युमिनियम के बर्तन

खतरनाक है ऐल्युमिनियम के बर्तन राजीव भाई हमारे देश में एल्यूमिनियम के बर्तन 100-150 साल पहले ही आये हैं उससे पहले धातुओं में पीतल, काँसा, चाँदी, फूल आदि के बर्तन ही चला करते थे और बाकी मिटटी के बर्तन चलते थे। अंग्रेजों ने जेलों में कैदियों के लिये ऐल्यूमीनियम के बर्तन शुरु किये क्योंकि उसमें से धीरे-धीरे विष हमारे शरीर में जाता है। ऐल्यूमीनियम के बर्तन के उपयोग से कर्इ प्रकार के गंभीर रोग होते हैं जैसे अस्थमा, वात रोग, टी.बी. शुगर आदि । पुराने समय में फूल और पीतल के बर्तन होते थे जो स्वास्थ्य के लिये अच्छे माने जाते हैं यदि संभव हो तो वही बर्तन फिर से लेकर आयें, हमारे पुराने वैज्ञानिकों को मालूम था कि एल्यूमीनियम बाक्साइट से बनता है और भारत में इसकी भरपूर खदानें हैं फिर भी उन्होंने एल्यूमीनियम के बर्तन नहीं बनाये क्योंकि यह भोजन बनाने और खाने के लिए सबसे घटिया धातु है इससे अस्थमा, टी.बी., वात रोग में बढ़ावा मिलता है इसलिये एल्यूमीनियम के बर्तनों का उपयोग बन्द करें । विश्वजीत सिंह अनन्त राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत स्वाभिमान दल आओं भारत स्वाभिमान दल के सदस्य बनकर देश के अमर बलिदानियों के स्वप्नों के स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत का पुनर्निर्माण करें सम्पर्क करें बालू सिंह राजपुरोहित 9982871008 धर्म सिंह 8535004500 कृष्ण कुमार 7830905992 चौधरी रमण श्योराण 7409947594 श्रीमती शशी शर्मा 8979808902 श्रीमती मुनेश देवी 9045761395 धीरज वत्स 9057923157 बालकिशन "किशना जी" 9111893273 गौरव कुमार मिश्रा 8755762499 प्रमोद कुमार यादव 9917648983 ऑनलाइन सदस्यता के लिए दल की वेबसाइट लॉग इन करें http://www.bharatswabhimandal.org/member.php

ठंडा पेय (कोल्ड ड्रिंक्स ) जहर के समान है !

ठंडा पेय (कोल्ड ड्रिंक्स ) जहर के समान है ! राजीव भाई ठण्डे पेयों (कोल्ड ड्रिंक्स) का PH मान 2.4 से लेकर 3.5 तक होता है जो कि एसिड की परिसीमा में आता है, रासायनिक रुप से हम घरों में जो टॉयलेट क्लीनर उपयोग में लाते हैं इसका भी PH मान 2.5 से लेकर 3.5 के बीच होता है। सामान्य रुप से पानी का PH मान 7.5 के आस-पास होता है जो हमारे पीने के लिये सर्वोत्तम है। इसलिये राजीव भार्इ ने 'ठण्डा मतलब टॉयलेट क्लीनर ' का मुहावरा दिया । पोटेशियम सॉर्बेट, सोडियम ग्लूकामेट, कार्बन डार्इ आक्सार्इड जैसे विष इसमें मिलाये जाते हैं इसके अलावा मेलाथियान, लिण्डेन, डीडीटी जैसे हानिकारक रसायन भी मिलाये जाते हैं इन कोल्ड ड्रिंक्स बनाने वाली कम्पनियों ने (मुख्यत: पेप्सी,कोका-कोला ने) हमारे राजनैतिक नेतृत्व को ख़रीदकर जिस तरह से भारतीय बाजार पर कब्ज़ा किया है वह हम सबके सामने हैं, संसद के भोजनालय में प्रतिबंधित होने के बाद भी यह पूरे देश में धड़ल्ले से बिक रही है। हम अपने स्वास्थ्य का ध्यान स्वयं रखें और इन ठण्डे पेयों से बचें, इससे आप आंतो के कैंसर, अपच, एसिडिटी जैसे रोगों से भी बच सकते हैं । राजीव भाई 95 हजार परिवारों के लिए सॉफ्ट ड्रिंक है ठंडी मौत नई दिल्ली - अमेरिकी संस्था नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज डायजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अुनसार दुनिया में 1.80 लाख लोग प्रतिवर्ष सॉफ्ट ड्रिंक के अत्यधिक सेवन के कारण दम तोड़ रहे हैं। ऐसी ही एक रिपोर्ट हमारे देश के बारे में मार्च में आई अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्था इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूवेशन की ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडीज.2010 में कहा गया है भारत में 2010 में 95,427 लोगों की मौत की एक बड़ी वजह इन अति मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन है। इन मौतों की दर में 1990 की तुलना में 161 प्रतिशत की वृद्धि हुई है 1990 में सॉफ्ट ड्रिंक्स की लत के कारण 36,591 लोगों ने दम तोड़ा था । संस्था के डायरेक्टर ऑफ कम्यूनिकेशन बिल हीसेल्स का कहना है कि कई गैर संक्रामक रोगों की वजह से दम तोडऩे वाले लोगों के खान-पान पर शोध के बाद ये नतीजे सामने आये हैं। 2010 पर आधारित इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में कोला पीने के आदी लोगों में से 78,017 दिल की बीमारी की वजह से मरे 11,314 लोग सॉफ्ट ड्रिंक्स के कारण डायबिटीज के रोगी बन गये जबकि लगभग 6096 कैंसर रोगी बनकर दम तोड़ चुके हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1990 में 36,591 लोगों की विभिन्न गैर संक्रामक रोगों से मरने का एक प्रमुख कारण अति मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स थे। हालांकि इस रिपोर्ट से यह खुलासा नहीं हुआ कि वे कौन से कैमिकल थे जो मौत का कारण बने । कैसे किया शोध भारत में 2010 में प्राकृतिक रूप से मरने वाले लोगों के आंकड़े इकठ्ठे किये गये इसके लिये मौत की वजह की सभी उपलब्ध जानकारियाँ जुटाई गईं असमय मौत के मामलों में उम्र लिंग और क्षेत्र के विश्लेषण में 67 अलग-अलग रिस्क फैक्टर्स को अति मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स पीने की आदत से मिलान किया गया और उनकी तुलना 1990 और 2010 के आंकड़ों से की गई। ब्रिटेन की प्रतिष्ठित मेडिकल जन लैंसेट में हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट से भी आंकड़े और जानकारियों को शोध में शामिल किया गया है। कंपनियों का दावा. हमारे प्रोडक्ट शुद्ध हैं भारत में कोला कंपनियों के पैरोकार संगठन इंडियन बेवरेज एसोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल अरविंद वर्मा का कहना है अति मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स से होने वाली मौतों की रिपोर्ट सही नहीं है इस रिपोर्ट से सिर्फ आम लोगों में भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया है। कुछ वर्षों पहले सुनीता नारायण की रिपोर्ट के बाद भी इस तरह का मामला उठा था कहा गया था कि कोल्ड ड्रिंक्स के पानी में पेस्टीसाइड हैं लेकिन कंपनियों ने यह सिद्ध कर दिया कि उनके फार्मुलेशन में कोई कमी नहीं बल्कि भारत का पानी ही खराब है वही कोका कोला भारत में बिकता है जो अमेरिका में, सॉफ्ट ड्रिंक्स कंपनियों के अनुसार उनके उत्पाद नहीं भारत का पानी ही खराब है । दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार नीचे दिये गये लिंक को देखें - http://www.bhaskar.com/article/NAT-study-reveals-soft-drink-is-slow-poison-4235109-NOR.html विश्वजीत सिंह अनन्त राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत स्वाभिमान दल आओं भारत स्वाभिमान दल के सदस्य बनकर देश के अमर बलिदानियों के स्वप्नों के स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत का पुनर्निर्माण करें सम्पर्क करें बालू सिंह राजपुरोहित 9982871008 धर्म सिंह 8535004500 कृष्ण कुमार 7830905992 चौधरी रमण श्योराण 7409947594 श्रीमती शशी शर्मा 8979808902 श्रीमती मुनेश देवी 9045761395 धीरज वत्स 9057923157 बालकिशन "किशना जी" 9111893273 गौरव कुमार मिश्रा 8755762499 प्रमोद कुमार यादव 9917648983 ऑनलाइन सदस्यता के लिए दल की वेबसाइट लॉग इन करें http://www.bharatswabhimandal.org/member.php