Tuesday, September 27, 2016

सफल, सुरक्षित व समृद्ध जीवन हेतु धर्म शिक्षा - 4

सफल, सुरक्षित व समृद्ध जीवन हेतु धर्म शिक्षा

सनातन धर्म के पतन के कारण और निवारण
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ध्यान से पढ़ें, समझें, जीवन में उतारें !!!!!
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क्योंकि, जो गलती को सुधार ले उसे मनुष्य कहते हैं।
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सनातन हिन्दुओं के सभी प्रमुख गुणों को, मुसलमान, इसाई और बौद्धों ने अपनाया और दुनियाँ में छा गए।
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और सनातन हिन्दू इन्हें त्याग कर, बर्बाद होने के कगार पर हैं।
(1) हम धर्म की शिक्षा देकर 7 से 11 वर्ष के बच्चों को गुरुकुल भेजते थे। अब बंद है।
मुसलमान, इसाई नियम से मदरसा, मिशन स्कूल में पहले धर्म की शिक्षा देते हैं।
--- गुरुकुल समाप्त हो गये, मदरसे, मिशन स्कूल हजारों, लाखों की संख्या में खुल गए। हिन्दुओं के बच्चे भी उसी में शौक से जा रहे हैं। और धर्मनिरपेक्षों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
** प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी के लिए अनिवार्य गायत्री महामंत्र की त्रिकाल संध्या(सुबह,दोपहर, शाम तीनों समय जप ध्यान) समाप्त।
-- उनकी 5 समय की नमाज और प्रतिदिन की प्रार्थना शुरू।
(3) सप्ताह में कम से कम एक दिन, पूजा, सत्संग, संगठन के लिए मंदिर जाना बंद।
-- उनका जुमे के दिन नमाज मस्जिद में, और रविवार प्रार्थना चर्च में शुरू।
(4) हिन्दू साधू संत गुरु जनों ने अपना कर्तव्य निभाना बंद किया, जिससे समाज में उनकी प्रतिष्ठा का क्षय हुआ । धर्म शिक्षा हीन हिन्दू अब अपने साधू संतों का अपमान खुले आम करते हैं।
-- उनके मौलवी, पादरी जी-जान लगाकर धर्म प्रचार करते है, जिससे उन्हें उनके समाज में भरपूर सम्मान मिलता है।
(5) कर्म को छोड़कर जाति को अपना लिया | घरेलू समारोहों में धर्म चर्चा बंद। केवल रटी रटायी सत्यनारायण कथा, अखंड पाठ या कीर्तन।
--जाति छोड़कर कर्म को अपनाया | उनके मौलाना गये मिलाद(सत्संग) और पादरी का प्रवचन नियम से होते हैं।
(6) हिन्दू धर्म गुरू मठ, आश्रम बनाना, गाडी़ से चलना पसन्द करता है, और केवल समृद्ध हिन्दू के घर जाता है, गरीब हिन्दू को दूर से ही फटकार देता है |
मुस्लिम धर्म गुरू मदरसे बनाता है जिसमें जिहादी शिक्षा दी जाती है, वो पैदल चलता है और बिना भेदभाव के सब मुस्लिमों को गले लगाता है | अमीर से पैसा लेता है और गरीब मुस्लिम को जिहाद के लिए पैसा देता है |
(6) देवता, धर्म गुरु का अपमान होने पर जुबान खींच लेना बंद।
-- उनका ईश निंदा कानून । धर्म विरुद्ध एक भी बात बर्दाश्त नहीं।
(7)धर्म और साम्राज्य विस्तार के लिए, अश्वमेध यज्ञ से, पूरी पृथ्वी पर साम्राज्य विस्तार का लक्ष्य समाप्त। हमने राजनीति छोड़ दी।
-- उन्होंने धर्म और राजनीति को जोडकर, दारुल इस्लाम, और पूरे संसार को इसाई बनाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया।
(8) संविधान में हिन्दू विरोधी प्रावधान बनाकर कालनेमि वादी सरकारों की हिन्दू विरोधी, षड्यंत्रकारी नीतियों से, विद्यालयों में हिन्दू विरोधी पाठ्यक्रम से शिक्षा से हिन्दुओं को धर्मनिरपेक्ष बना दिया।
-- उन्हें संविधान में अल्प संख्यक बनाकर भरपूर सरकारी अनुदान देकर उनकी धार्मिक शिक्षा को बढ़ावा देकर और कट्टर बना दिया।
(9) इसीलिए संसार में हिन्दुओं का एक भी देश नहीं।
-- मुसलमानों के 56 देश , और ईसाईयों के संसार में 150 से अधिक देश हैं।
परिणाम:--
********* हिन्दू समाज द्वारा हिन्दू हित के लिए प्रचण्ड बहुमत से जिताये गये भारत के राजनेता कुर्सी पर बैठते ही धर्मनिरपेक्ष बन जाते है। और साम्प्रदायिक आधार पर हिन्दू विरोधी बौद्ध, मुस्लिम व ईसाई तुष्टिकरण की नीतियाँ बनाते है । जबकि वो हिन्दू वोटों से जीतकर आते है |
इसलिए हिन्दू एकता के लिए एक ही रास्ता बचा है :----
************* जड़ों की ओर लौटें।
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जड़ें सूख गयी हैं-- सनातन धर्म के मजबूत आधार ये हैं ----
गायत्री, यज्ञ, गीता, गंगा, गौमाता और कर्म ।
***** इन्हें अपनाने से भाग्य की उन्नति होती है। दुर्भाग्य का शमन होता है।
आज 99% हिन्दू ये नहीं करते। इसीलिए पतन के गर्त में पहुँच गए हैं।
अतः आज से ही सनातन धर्म के इन सिद्धांतों का पालन करना शुरू कर दें।
क्योंकि:----
धर्म आचरण करने पर ही, ईश्वर रक्षा करता है।
धन जन से भरपूर बनाता, और विपत्ति हरता है।
आओ मिलकर करें साधना, देव शक्ति के जागरण की।
गूंजे फिर जयकार धरा पर, सत्य सनातन धर्म की। || जो बोले सो अभय सनातन धर्म की जय ||

क्रमश: जारी.....

निवेदक: भारत स्वाभिमान दल

सफल, सुरक्षित व समृद्ध जीवन हेतु धर्म शिक्षा - 3

सफल, सुरक्षित व समृद्ध जीवन हेतु धर्म शिक्षा

कितने भी भयंकर आपत्तियों व शक्तिशाली दुष्टों का सामना करना पड़े, उसमें साहस, धैर्य व आत्म विश्वास के साथ उन्हें पराजित करने का आत्मबल, संपूर्ण समाज में सदैव विद्यमान रहना चाहिए | सतयुग में माँ भगवती दुर्गा के रुप में दैवी शक्ति ने महिषासुर का मर्दन किया | त्रेता में भगवान श्रीराम ने वनवासियों का सहयोग लेकर, उन्हें संगठित कर दुष्ट रावण की आसुरी शक्ति का विनाश किया द्वापर में इसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण के मार्गदर्शन में दैवी शक्तियों ने आसुरी शक्तियों का विध्वंस किया | संघे शक्ति कलौयुगे | कलयुग में संगठन की शक्ति ही आसुरी शक्तियों का विनाश कर सकती है |
शक्त्या विहीना: पुरूषा हि लोके, नेतुं न राष्ट्रंप्रभवन्ति नूनम् |
देवा अपीमां समुपास्य शक्ति शुम्भादि-दैत्यान् समरे निजघ्नु:||
शक्ति के बिना कोई भी पुरुष अपने राष्ट्र की रक्षा नहीं कर सकता | देवता भी शक्ति की आराधना करके ही शुम्भादि दैत्यों का संहार करने में सक्षम हुए | पवित्र सनातन धर्म में सभी देवी देवताओं के पास शस्त्र है, क्योंकि यह धर्म है | आपके पास कौन सा शस्त्र है- कोई नहीं, यह अधर्म है | ध्यान रखों हिन्दू तभी मरा है जब वो अपने धर्म से भटका है, शास्त्र (वेद, गीता, रामायण आदि पवित्र ग्रन्थ) तथा शस्त्र (हथियार) दोनो की साधना करों | अपना धर्म निभाओं, ध्यान रखों धर्म सदैव जीता है | बिना शास्त्र ज्ञान के तथा बिना शस्त्र संचालन के धर्म की रक्षा नहीं की जा सकती |
धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः |
तस्माद्धर्मो न हन्तव्यः मानो धर्मो हतोवधीत् ||
नष्ट हुआ धर्म ही मनुष्य का नाश करता है और रक्षा किया हुआ धर्म अपने रक्षक की रक्षा करता है । इसलिए धर्म को नष्ट नहीं करना चाहिए, ऐसा न हो कि नष्ट किया हुआ धर्म हमें नष्ट कर दे ।
अपने देश में दानवी- आसुरी शक्तियाँ सक्रिय है | इन शक्तियों का विनाश करने के लिए प्रत्येक को अपने
अंदर की बुद्धि, भावना एवम् शक्ति को केंद्रित करना होगा, ताकि अपने घर- परिवार, समाज और देश को सुखी, वैभवशाली, विजयी जीवन प्राप्त हो सके | धर्म साधना से ही समाज और देश का एकीकृत स्वरुप प्रकार होगा | धर्म साधना से ही अनाचार, भ्रष्टाचार व पापाचार मिट सकता है | भारत का प्रत्येक पहलू धर्म से परिपूर्ण है | सनातन हिंदू- जीवन प्रणाली ही भारत के जीवन- वैशिष्टय को बनाए रखने वाली है | किंतु दुर्भाग्य से मैकालेवादियों, साम्यवादियों, अरबवादियों, कालनेमिवादियों ने शिक्षा- पद्धति व इतिहास को बदल कर भारतीय जन समुदाय के मस्तिष्क को अपना गुलाम बना लिया परिणाम स्वरुप संसार में अपने स्वत्व के अस्तित्व का निषेध करने वाला पापी यदि कोई होगा, तो वह अपने हिंदू समाज में ही मिलेगा |
जो समाज अपनी संस्कृति से कट जाता है उसका कभी भला नहीं हो सकता |
हमें पुन: अपनी मूल संस्कृति व सच्चे अध्यात्म की ओर लौटना होगा, तभी सत्य सनातन वैदिक हिन्दू धर्म व संस्कृति की रक्षा होगी तथा सच्चे ईश्वर की उपासना से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि व मुक्ति की प्राप्ति होगी |
सच्चे ईश्वर की उपासना के लिए आवश्यक है कि हम जाति- वर्ण के मिथ्या बंधन तोड़कर धर्म के झंडे
तले एक हो जायें | संसार में हम सब से श्रेष्ठ है लेकिन जाति- वर्ण- सम्प्रदाय ने हमारा सत्यानाश किया
हुआ है | आइये हम उन सभी दरारों को भर दे जो अपनों के स्वार्थ व अज्ञानता और परायों के षड़यन्त्रों ने पैदा की है | हम भेदभाव और छूआछूत की दीवारें ढहा दे तथा संकल्प लें कि हम सब भारत माता की संताने है, हम सब एक है | हम सर्वप्रथम सनातनधर्मी हिंदू है, यही हमारा अस्मिता बोध है |
हिन्दव: सोदरा: सर्वे, न हिंदू पतितो भवेत् |
मम दीक्षा धर्म रक्षा, मम मंत्र समानता ||
सब हिंदू भारत माता की संतान होने से सहोदर है | इसलिए कोई हिंदू पतित नहीं हो सकता है | हमने
"समानता" का मंत्र लेकर "धर्मरक्षा" की दीक्षा ली है |||
|| जो बोले सो अभय सनातन धर्म की जय ||

क्रमश: जारी.....

निवेदक: भारत स्वाभिमान दल

सफल, सुरक्षित व समृद्ध जीवन हेतु धर्म शिक्षा - 2

सफल, सुरक्षित व समृद्ध जीवन हेतु धर्म शिक्षा

|| ॐ परमात्मने नम : ||
सामर्थ्यमूलं स्वातन्त्र्यं, श्रममूलं च वैभवम्। न्यायमूलं सुराज्यं स्यात्, संघमूलं महाबलम्॥
"स्वतन्त्रता सामर्थ्य पर आधारित है, वैभव परिश्रम से प्राप्त होता है, सुराज्य उसी को कहेंगे जहाँ न्याय
सुलभ हो तथा शक्ति का मूल संगठन है।"
सनातन धर्म सृष्टि के आरंभ से चला आ रहा है | सनातन धर्म के विषय में संसार के किसी भी देश में कोई मतभेद नजर नहीं आता, क्योंकि सनातन धर्म ही वैदिक विश्व राष्ट्र का धर्म रहा है | अब से लगभग 5 हजार एक सौ वर्ष पूर्ण हुये विनाशकारी विश्व महा युद्ध महाभारत में वेदज्ञ विद्वानों व वीर योद्धाओ के मारे जाने के कारण भारत का प्रभाव विश्व सत्ता पर निर्बल पड़ने लगा | तदानुपरांत विद्वानों की प्रतिष्ठा व क्षमता भी कम हो गई तो कालांतर में अनेक अवैदिक व भोगवादी मत- मतांतरों ने जन्म लिया | जिनके अमानवीय आसुरी कार्यकलापों से मानवता आज भी त्राहि- त्राहि कर रही है |
विश्व के किसी भी देश में धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए इतना दीर्घकालीन, त्यागमय और सफल संघर्ष नहीं हुआ है जितना भारत के साधु- संतों व वीर- वीरांगनाओं ने किया | विश्व की महान संस्कृतियाँ (रोम, यूनान, मिश्र, ज्रथुस्त आदि) उदित हुई काल के कपाल के कराल थपेड़ों को न सह सकने के कारण कुछ ही शताब्दियों में ध्वस्त हो गई, परंतु सनातन वैदिक हिंदू संस्कृति सहस्रों वर्षो के भीषण आघातों के पश्चात आज भी जीवित है | यही सनातन शाश्वत सत्य धर्म का प्रमाण है | इस सनातन राष्ट्र भारत ने अपने जीवन में अनेक उत्थान और पतन देखे हैं किंतु उसकी लहरों में फँस कर उसने अपने जीवन की गति कभी खोई नहीं |

पीठ शत्रु को नहीं दिखायी हिंदुओं की संतानों ने |
केसरिया ध्वज रंग दिया था रक्तापूर्ण वीरों ने ||
गिरा हुआ ध्वज रामदास-शिवा छत्रपति ने उठा लिया |
गोकुल सिंह ने इसके कारण सर भी अपना कटा लिया ||
छत्रसाल और बुन्देलों ने इसी ध्वज को अपनाया |
राणा ने भी इसके कारण सब कुछ अपना त्याग दिया ||
इससे कारण कृपाण लेकर सिक्ख वीर उठ खड़े हुए |
बंदा गुरु गोविंद सिंह जी हिंदू -शत्रु पर टूट पड़े ||
पीत छटा थी त्यागमयी, कभी हृदय से नहीं गई |
श्रेष्ठ सनातन धर्म अपना, स्मृति उसकी उत्साहमयी ||

क्रमश: जारी.....

निवेदक: भारत स्वाभिमान दल

सफल, सुरक्षित व समृद्ध जीवन हेतु धर्म शिक्षा - 1

ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

सफल, सुरक्षित व समृद्ध जीवन हेतु धर्म शिक्षा

इस पृथ्वी पर
संस्कृति का प्रथम सूर्योदय कहाँ हुआ था ?
विश्व में ज्ञान विज्ञान, सभ्यता एवं संस्कार का प्रकाश सर्वप्रथम कहा से प्रसारित हुआ था ?
संस्कृति का सर्वप्रथम पवित्र नाद कहाँ गूँजा था ?
जहाँ गंगा, सरस्वती, सिन्धु, ब्रह्मपुत्र, गंडकी, कावेरी, यमुना, नर्मदा, कृष्णा, गोदावरी तथा महानदी का पवित्र जल बहता है,
जहाँ दक्षिण में हिन्द महासागर गर्जन करता है,
जहाँ उत्तर में देवात्मा हिमालय की पवित्र छत्रछाया है,
कैसी दिव्य, भव्य है अपनी मातृभूमि भारत, कितनी गौरवशाली है संस्कृति !
इस पवित्र भूमि पर से पुन: गूँज उठे संस्कृति का पवित्र नाद,
आइए, धर्म साधना से इस सनातन संस्कृति का भव्यनाद गूँजायमान करें |
धर्म से संस्कार मिलते है और संस्कार शक्ति प्रदान करते है, राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र रक्षा के लिए धर्म ही मुख्य धुरी होता है | सनातन धर्म भगवत्प्रेम व मोक्ष प्राप्ति का वह मार्ग है, वह साधन है, जिसको अवमर्दित करने के, नष्ट करने के, मिटा डालने के हर सम्भव प्रयास सहस्त्राधिक वर्षो से किये गये (और आज भी किये जा रहे है) किन्तु धर्म आज भी पर्वत की तरह अचल, अटल, स्थिर होकर खड़ा है | यही सनातन शाश्वत सत्य का प्रमाण है | धर्म शिक्षा व सामुहिक धर्म साधना द्वारा इसकी रक्षा सम्वर्द्धन करना हम सब का सनातन धर्म है |
-विश्वजीत सिंह अनन्त
इस पुस्तक को प्रकाशित करने का उद्देश्य किसी व्यक्ति, वर्ग, सम्प्रदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है, बल्कि सनातन सत्य को सामने लाकर सनातन धर्म की रक्षा करना है | किसी भी वाद की स्थिति में न्यायक्षेत्र मेरठ न्यायालय मान्य होगा |
यह पुस्तक परम् पिता परमात्मा की कृपा से आपके पास आई है | इसे पवित्र स्थान पर रखें, परिवार में सबको पढ़ाएँ, इसकी धर्म साधना को अपने जीवन में अपनाएँ तथा अन्य व्यक्तियों को भी साधना के लिए प्रेरित करें, ताकि धर्म ध्वज के तले मानवता स्वस्थ, सुखी, समृद्ध व सुरक्षित रहे | हमारा विश्वास है कि धर्म शिक्षा व सामूहिक धर्म साधना से ही असुरता का निवारण होकर मानव में देवत्व के अवतरण का मार्ग प्रशस्त होगा | साधको की सद्कामनाएँ पुर्ण होगी ओर भारत पुन: विश्वगुरू बनेगा |
* निवेदक *
भारत स्वाभिमान दल

क्रमश: जारी.....

सनातनी हिन्दू का पक्षकार कौन ?

:-► गांधीजी मुस्लिमों के लिए कांग्रेस को वैचारिक, राजनीतिक, भावनात्मक रूप से निरंतर झुकाते चले गए। राष्ट्र का यह समुदाय इसी लिए मोहनदास को मानते है।
:-► काश्मीर के हिन्दुओं की पीड़ा को अनदेखा करना !
:-► काश्मीर से धारा ३७० को पालना। हुर्रियत को आर्थिक सहयोग देना !
:-► बाबरी ढाँचे के पक्षकार बनना !
:-► मुसलमानो को खुश करने के लिए निर्दोष हिन्दुओं पर अयोध्यामे गोलिया चलवाना !
:-► बांग्लादेश के मुसलमान का पक्षकार बनना !
:-► बाटला हाउस मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों को निर्दोष बताना !
:-► ध्वनि प्रदुषण + बकरी ईद पर प्रतिबंध न लगाना !
:-► लव जेहाद जैसा कुछ नहीं है यह कहना !
:-► मदरसाओं में हो रहे गलत काम पर पर्दा डालना !
:-► कैराना जैसे से संवेदनशील क्षेत्र को राजनीतिक साजिस कहना !
:-► पाकिस्तानी झंडे लहराने वाले और ISIS से जुड़ने वाले मुसलमानो को भड़के हुवे लोग कहते है !
:-► JNU में छिपे राष्ट्रद्रोहियों को अपने मंच पर बुलाते है ! हीरो बनाते है !
:-► भारत के संसाधनों पर मुस्लिम का हक़ पहला है।
:-► हज सब्सिडी ! २५ करोड़ से अधिक जनसंख्या मुस्लिम की होने के बावजूद उसे अल्पसंख्यक का दर्जा देना ! और इस समुदाय को आरक्षण की मांग करना।
:-► जेल में बंद मुस्लिम को निर्दोष कहकर उसे छुड़ाने में जुट जाना !
ताकि मुस्लिमों को वे ही अपने मसीहा लगे।
:-► पाकिस्तान में जा रहा हमारी नदियों के पानी को बंध करने का विरोध !
पाकिस्तानी कलाकारों की आवभगत करना !
:-► काश्मीर में पैलेट गन का विरोध ! आतंकियों के जनाजे + मालदा + पूर्णिया + मुबई की की घटना के बावजूद उन मुस्लिम का समर्थन करना वो भी इस लिए की मुस्लिम खुश हो जाय और हमें वोट दे अर्थात मुस्लिम को खुद की वोट बैंक बनाने का षड्यंत्र।
शनिवार को उत्तर प्रदेश मुरादाबादः 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के लगाए नारे लगे ! जिला कांग्रेस अध्यक्ष समेत 200 पर FIR दर्ज हुई !कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीन बार 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए.[ 'राष्ट्र एवं शहीद गौरव' रैली का आयोजन किया था, इसी दौरान 'पाकिस्तान जिंदाबाद ' जैसे राष्ट्र विरोधी नारे लगाए गए जो एक संज्ञेय अपराध है और इसी कारण उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. ] यह उत्तर प्रदेश के चुनाव में कोंग्रेस + भाजपा + बसपा + सपा + ओवैसी जिससे मुस्लिम को खुश करने की भरपूर प्रयत्न करेंगे ! या कहो अपनी वोटबैंक को तैयार करेंगे ! हिन्दू जाये भाड़ में !
लेकिन यदि एसी राष्ट्र विरोधी गतिविधयों करने वाले का सहयोग करके यदि मुस्लिम को वोटबैंक के रूप में देखती है गांधीवादी सल्तनत और सफल भी होती है तो हिन्दुस्थान का भविष्य वर्तमान ' सीरिया ' जैसा होगा इसमें कोई संदेह नहीं है।
मुस्लिम समुदाय ९५ % लोक चुनाव के समय अपना मत देने जाते है। यह भी एक कारण है।
किन्तु तब प्रश्न यह है की सनातनी हिन्दू का पक्षकार कौन ?
जय श्री राम......
भारत माता की जय.....
वंदे मातरम् .....
:-►

Sunday, September 25, 2016

पाकिस्तान : इस्लाम का एक भौंडा-बेशर्म मज़ाक - अली सिना की पोस्ट से

जो लोग इस्लाम के शिकार होकर अपना गौरव खो चुके हैं उन्हें अपना गौरव पुनः हासिल करना चाहिये। किसी के इरानी, पाकिस्तानी या अरब होने में कोई शर्म की बात नहीं है।
आज इराक को लें, और देखें कि, इसका क्या हो गया। अब अतीत में जाएँ तो आप पाएंगे कि, यह देश कभी मानव सभ्यता के शिखर पर था। हाँ, इराकियों को गर्व होना चाहिये कि वे कौन हैं। मिस्र वालों को गर्व होना चाहिये कि वे कौन हैं।
पाकिस्तान, मेरी नज़र में दुनियाँ का सबसे अजूबा देश है। सोचिये, मज़हबी अलगाववाद से प्रेरित होकर एक “सेक्युलर” देश बना दिया गया - कैसा कमीनापन है! क्या इससे बड़ी बेवकूफ़ी की कोई कल्पना भी कर सकता है? क़ायदे आज़म एक जोकर था।
करोड़ों ज़िन्दगियों की क़ीमत पर अपनी महिमा गान चाहने वाला यह अहंकारी और महत्वाकांक्षी व्यक्ति सिर्फ घृणा और तिरस्कार का ही पात्र है। पाकिस्तानी उसे “पाकिस्तान का जनक” कहते हैं। पर वह उनकी विपत्तियों का जनक है। इन तबाह हुए लोगों का इस व्यक्ति ने जितना नुकसान किया है उतना किसी ने नहीं।
(हाँ, मुहम्मद इसमें जरूर अपवाद है।)
पाकिस्तान कोई देश नहीं; एक मज़ाक है। अगर आप एक पाकिस्तानी हैं, तो आपको ऐसी चीज़ ढूंढने में परेशानी हो सकती है जिसपर आप गर्व कर सकें। पर अपने आप को एक पाकिस्तानी समझने की बजाय, अपने आप को एक भारतीय समझें।
आप वास्तव में वही हैं। आपके पूर्वज हिन्दू थे। उन्होंने विश्व की भव्यतम और सबसे समृद्ध सभ्यता को जन्म दिया था। भारतीय दर्शन आज भी मानवता के लिये प्रकाश का स्रोत है। अपने आपको इस प्रकाश में देखना आपको गौरव से भर सकता है। आपको गर्व होना चाहिये कि, आप कौन हैं, उस धरोहर पर गर्व होना चाहिये जो आपसे छीन ली गई और अपने पूर्वजों पर गर्व होना चाहिये। साथ ही, ये समझो कि, पाकिस्तान या फिर बंगलादेश -- इस्लाम नामकी बीमारी का ही एक और लक्षण है।

हमें अपनी संपत्ति का गर्व होना चाहिये न कि अपने कर्ज़ों का। पहली वस्तु हमें महानता प्रदान करेगी और दूसरी पतन और बर्बरता के गर्त में ढकेल देगी। इस्लाम पर गर्व करना मानो अपनी अज्ञानता पर गर्व करना है। यह उस फरेब, अहंकार और आत्म-प्रवंचना की ओर ले जाता है जो मुसलमानों के इतने प्रकट लक्षण हैं।
 
विश्व में शांति तब तक कायम नहीं हो सकती और ये लड़ाइयाँ और तबाही तब तक बंद नहीं होगी जब तक इस्लाम का समूल नाश नहीं हो जाता। और ये तबतक नहीं होगा जबतक मुसलमान अपना खोया हुआ गौरव हासिल नहीं कर लेते; अपनी राष्ट्रीय संस्कृति, धरोहर और अपने आपमें गौरव महसूस नहीं करते, और अपनी वर्तमान अज्ञानावस्था तथा सामूहिक हीनभावना से मुक्त नहीं हो जाते जो इस्लाम ने उनपर थोप दी है। सभी राष्ट्रों का आत्म सम्मान उन्हें वापस लौटा देना ही विश्वशांति की कुंजी है। ये तबतक नहीं होगा जबतक हम अपने ही लोगों से प्यार न करने लगें और इस बात पर गर्व न करने लगें कि हम कौन हैं।

Saturday, September 17, 2016

THE COW IS A WONDERFUL LABORATORY

हिंदू धर्म में गाय को क्यों इतना उचित स्थान दिया गया है और हम क्यों उसे सिर्फ एक जानवर न मानते हुए मां के समकक्ष देखते हैं निम्नलिखित  को जरूर पढ़िए जिसे अब अमेरिका ने एक शोध कर गाय की महत्ता पर प्रकाश डाला है l

_अमेरिका के कृषि विभाग द्वारा प्रकाशित हुई पुस्तक_
_THE COW IS A WONDERFUL LABORATORY_

*THE COW IS A WONDERFUL LABORATORY* ” के अनुसार प्रकृति ने समस्त जीव-जंतुओं और सभी दुग्धधारी जीवों में केवल गाय ही है जिसे ईश्वर ने 180 फुट (2160 इंच ) लम्बी आंत दी है जो की एनी पशुओ में ऐसा नहीं है जिसके कारण गाय जो भी खाती-पीती है वह अंतिम छोर तक जाता है |

*लाभ* :-👉🏽  जिस प्रकार दूध से मक्खन निकालने वाली मशीन में जितनी अधिक गरारियां लगायी जाती है उससे उतना ही वसा रहित मक्खन निकलता है , इसीलिये गाय का दूध सर्वोत्तम है |

*गौ वात्सल्य* :-👉🏽  गौ माता बच्चा जनने के 18 घंटे तक अपने बच्चे के साथ रहती है और उसे चाटती है इसीलिए वह लाखो बच्चों में भी वह अपने वच्चे को पहचान लेती है जवकि भैंस और जरसी अपने बच्चे को नहीं पहचान पायेगी | गाय जब तक अपने बच्चे को अपना दूध नहीं पिलाएगी तब तक दूध नहीं देती है , जबकि भैस , जर्सी होलिस्टयन के आगे चारा डालो और दूध दुह लो | बच्चो में क्रूरता इसीलिए बढ़ रही है क्योकि जिसका दूध पी रहे है उसके अन्दर ममता नहीं है |

*देसी गाय की खीस* :-👉🏽  बच्चा देने के बाद  गाय के स्तन से जो दूध निकलता है उसे खीस, चाका, पेवस, कीला,तेली कहते है , इसे तुरंत गर्म करने पर फट जाता है | बच्चा देने के 15 दिनों तक इसके दूध में प्रोटीन की अपेक्षा खनिज तत्वों की मात्रा अधिक होती है , लेक्टोज , वसा ( फैट ) एवं पानी की मात्रा कम होती है | खीस वाले दूध में एल्व्युमिन दो गुनी , ग्लोव्लुलिन 12-15 गुनी तथा एल्युमीनियम की मात्रा 6 गुनी अधिक पायी जाती है | लाभ:- खीज में भरपूर खनिज है यदि काली गौ का दूध ( खीझ) एक हफ्ते पिला देने से वर्षो पुरानी टीबी ख़त्म हो जाती है |

*सींग* :-👉🏽  गाय की सींगो का आकर सामान्यतः पिरामिड जैसा होता है , जो कि शक्तिशाली एंटीना की तरह आकाशीय उर्जा ( कोस्मिक एनर्जी ) को संग्रह करने का कार्य सींग करते है |

*देसी गाय का कन्धा* ( ढिल्ला ) :👉🏽  गाय के कुकुद्द में सूर्यकेतु नाड़ी होती है जो सूर्य से अल्ट्रावायलेट किरणों को रोकती है , गाये के 40 मन दूध में लगभग 10 ग्राम सोना पाया जाता है जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढती है इसलिए गाय का घी हलके पीले रंग का होता है |

*देसी गाय का दूध* :-👉🏽  गाय के दूध के अन्दर जल 87 % वसा 4 %, प्रोटीन 4% , शर्करा 5 % , तथा अन्य तत्व 1 से 2 % प्रतिशत पाया जाता है | गाय के दूध में 8 प्रकार के प्रोटीन , 11 प्रकार के विटामिन्स , गाय के दूध में ‘ कैरोटिन ‘ नामक प्रदार्थ भैस से दस गुना अधिक होता है | भैस का दूध गर्म करने पर उसके पोषक ज्यादातर ख़त्म हो जाते है परन्तु गाय के दूध के पोषक तत्व गर्म करने पर भी सुरक्षित रहता है |

*गाय का गोमूत्र* :👉🏽 गाय के मूत्र में आयुर्वेद का खजाना है , इसके अन्दर ‘ कार्बोलिक एसिड ‘ होता है जो कीटाणु नासक है , गौ मूत्र चाहे जितने दिनों तक रखे ख़राब नहीं होता है इसमें कैसर को रोकने वाली ‘ करक्यूमिन ‘ पायी जाती है | गौ मूत्र में नाइट्रोजन ,फास्फेट, यूरिक एसिड , पोटेशियम , सोडियम , लैक्टोज , सल्फर, अमोनिया, लवण रहित विटामिन ए वी सी डी ई , इन्जैम आदि तत्व पाए जाते है | देसी गाय के गोबर-मूत्र-मिश्रण से ‘ प्रोपिलीन ऑक्साइड ” उत्पन्न होती है जो बारिस लाने में सहायक होती है | इसी के मिश्रण से ‘ इथिलीन ऑक्साइड ‘ गैस निकलती है जो ऑपरेशन थियटर में काम आता है |
गौ मूत्र में मुख्यतः 16 खनिज तत्व पाये जाते है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाता है |

*गाय का शरीर*:👉🏽 गाय के शरीर से पवित्र गुग्गल जैसी सुगंध आती है जो वातावरण को शुद्ध और पवित्र करती है |

जननी जनकार दूध पिलाती, केवल साल छमाही भर !
गोमाता पय-सुधा पिलाती, रक्षा करती जीवन भर !!

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