Friday, May 18, 2018

सनातन संस्कृति संघ (ट्रस्ट) परिचय

शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, स्वावलंबन, नारी जागरण, पर्यावरण, व्यसन एवं कुरीति उन्मूलन के लिए कार्यरत ट्रस्ट
 


सनातन संस्कृति संघ एक गैर सरकारी, सामाजिक, स्वयंसेवी ट्रस्ट हैं। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, स्वावलंबन, नारी जागरण, पर्यावरण, व्यसन एवं कुरीति उन्मूलन के कार्य करना है।

संसार के जन कल्याणार्थ मानवीय, नैतिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक मूल्यों को निजी, व्यवसायिक तथा सार्वजनिक जीवन में बढ़ावा देना। गौशालाओं एवं गुरूकुलों की स्थापना व संचालन करना। यह संस्था जिन क्षेत्रों में शिक्षायें एवं प्रशिक्षण दे रही है, वे हैं-

राष्ट्र जागरण, स्वदेशी स्वाभिमान, मूल्यनिष्ठ शिक्षा, चरित्र निर्माण, योग प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन, विश्व बंधुत्व, सम्पूर्ण स्वास्थ्य, गौवंश एवं ग्राम आधारित अर्थतंत्र की व्यवस्था, पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जागृति, व्यक्तित्व विकास, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक पुनर्निर्माण, नशीले पदार्थो से मुक्ति, अंधविश्वास एवं कुप्रथा निवारण, सकारात्मक चिंतन, वैज्ञानिक- आध्यात्मिक अनुभूति तथा जीने की कला।

सनातन संस्कृति संघ को दिये गये दान पर आयकर की धारा 80G के अंतर्गत टैक्स में छूट प्राप्त की जा सकती हैं।

सनातन संस्कृति संघ (ट्रस्ट) को अंशदान देने के इच्छुक दानदाता पंजाब नेशनल बैंक की स्थानीय सी0बी0एस0 शाखा में पहुंचकर

खाता संख्या A/C no :- 4579002100002930
IFSC - PUNB 0457900
Branch Code 457900  में अपना अंशदान जमा कर सकते है।

<> खाते में धन जमा करवाते समय खाते का नाम एवं शाखा का स्थान (सनातन संस्कृति संघ, पंजाब नैशनल बैंक, करावल नगर, दिल्ली) अवश्य जाँच कर ले।

अधिक जानकारी हेतु हमसे 09149105534  पर सम्पर्क कर सकते है।

वन्दे मातरम्
भारत माता की जय
सनातन संस्कृति संघ का संदेश गौहत्या मुक्त हो भारत देश 
सनातन संस्कृति संघ ट्रस्ट का संस्कृति संवर्धन अभियान

सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन के लिए भारत स्वाभिमान दल की ग्यारह सूत्री कार्य योजना



1. वर्तमान में चल रही समस्त गलत नीतियों  भ्रष्ट व्यवस्थाओं का राष्ट्र हित में पूर्ण परिवर्तन कराना। भ्रष्टाचारबलात्कारदहेज हत्यागौहत्याआतंकवाद  मिलावट करने वालों के विरूद्ध मृत्युदण्ड का कानून बनवाकर सम्पूर्ण भारतीयों को सुरक्षा प्रदान करवाना। शिक्षास्वास्थ्यकानूनअर्थ  कृषि व्यवस्था का पूर्ण भारतीयकरण  स्वदेशीकरण करना।

2. साम्प्रदायिक आधार पर भेदभाव करने वाले कानूनों को निरस्त कर समान नागरिक संहिता लागू करना।

वर्तमान भारतीय संविधान जाति  धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकों में भेदभाव करता हैंयह संविधान धर्म के आधार पर किसी नागरिक को सामान्यतो किसी नागरिक को विशेषाधिकार देता हैं। इस संविधानिक साम्प्रदायिक भेदभाव के चलते देश में जातीय  साम्प्रदायिक तनाव बढ़ रहा हैंजो राष्ट्रीय एकता  अखण्डता के लिए घातक हैंऔर कालांतर में गृहयुद्ध का कारण भी बन सकता हैं।

राष्ट्र हित में साम्प्रदायिक आधार पर भारतीय नागरिकों में भेदभाव करने वाले कानूनों को निरस्त कर समान नागरिक संहिता लागू की जाए। देश में समानता का अधिकार लागू किया जाना चाहिए।

3. जातिवाद को असंवैधानिक घोषित करनासरकारी महत्व के अभिलेख विद्यार्थी पंजीकरणमूल निवासजॉब पंजीकरण आदि परिपत्रों में जाति लिखने को प्रतिबंधित करना।

4. नौकरी हेतु किसी भी प्रकार के आरक्षण को अवैध घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगानाकेवल शिक्षा हेतु आर्थिक आधार पर गरीब विद्यार्थियों को सहायता दी जाएनौकरी उन्हें उनकी योग्यता के आधार पर मिले।

5. भ्रष्टाचार पर अंकुश लगानाकाले धन को वापस मंगानाभ्रष्टाचारियों की संपत्ति को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करना  भ्रष्टाचारियों को कठोर दंड का प्रावधान करना।

6. केन्द्रीय गौवंश मंत्रालय बनाकर स्वदेशी गौवंश को प्रोत्साहन की नीति बनाना।  केन्द्रीय योजना बनाकर जिला स्तर पर एक एक लाख गौवंश की क्षमता वाली गौशालाएँ बनवानाउनमें बेसहारा गायबैल  सांडों को रखकर गौवंश आधारित उद्योगों की शुरूआत करानागैसबिजलीखादऔषधि आदि गौवंश से उत्पन्न कर विदेशी मुद्रा बचानातथा गाँवों में गौवंश आधारित संयंत्र स्थापित करने के लिए गौवंश पालक किसानों को सबसिडी देने का प्रावधान करनाग्रामीण भारतीयों को आत्मनिर्भर बनाना

7. सभी धर्मों के भारतीय नागरिकों के लिए अधिकतम तीन संतान उत्पन्न करने का कठोर जनसंख्या कानून बनानाइस कानून की अवमानना करने वाले को सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित कराना।

8. विद्यालयों में चरित्र निर्माणव्यवसायिक शिक्षा  सैन्य शिक्षा अनिवार्य करना। तथ्यों के आलोक में भारतीय इतिहास का पुनर्लेखन कराना तथा ताजमहललालकिला आदि प्राचीन भवनों के वास्तविक निर्माताओं को श्रेय देकर भारत का सुप्त स्वाभिमान जगाना। काल गणना के लिए युगाब्ध को अपनाकर राष्ट्रीय पंचांग के रूप में लागू करना। केन्द्रिय परीक्षाओं में अंग्रेजी प्रश्नपत्र की अनिवार्यता समाप्त करना तथा संस्कृतहिन्दी  क्षेत्रिय भाषाओं को वैकल्पिक आधार प्रदान करना।

9. स्वदेशी उत्पादनों को प्रोत्साहित करना। आयुर्वेद को राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित करना।

10. उन्नत कृषि एवं पशुपालन को प्रोत्साहित करना तथा राष्ट्रीय किसान आयोग का पुनर्गठन करना।

11. बेरोजगारीगरीबीभूखअभाव  अशिक्षा से मुक्त स्वस्थसमृद्धसंस्कारवान  शक्तिशाली भारत का पुनर्निर्माण करना और भारत को विश्व की महाशक्ति तथा विश्वगुरू के रूप में पुनप्रतिष्ठित करना।

सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तनराजनैतिक शुचिता था भारत के पुर्नोत्थान के लिए अधिक से अधिक संख्या में तनमनधन के साथ संगठन से जुड़ें। भारत स्वाभिमान दल आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन करता हैं। सदस्यता के लिए 08755762499 पर सम्पर्क करें।

वन्दे मातरम्
भारत माता की जय